मध्यप्रदेश की कानून-व्यवस्था चरमराई, सरकार जवाब दे: डॉ. मनोज यादव.

•मध्यप्रदेश की कानून-व्यवस्था चरमराई, सरकार जवाब दे: डॉ. मनोज यादव
•रिसॉर्ट में 4 कर्मचारियों की मौत और मंत्री परिवार की गांजा तस्करी
•मध्यप्रदेश की कानून-व्यवस्था चरमराई, सरकार जवाब दे: डॉ. मनोज यादव
भोपाल।
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने खजुराहो में रिसॉर्ट पर भोजन करने के बाद 4 कर्मचारियों की मौत और 5 अन्य के गंभीर हालत में रेफर होने तथा दूसरी ओर एक प्रदेश मंत्री के भाई और बहनोई के गांजा तस्करी में गिरफ्तार होने की घटनाओं को मध्यप्रदेश की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक ईमानदारी और राजनीतिक नैतिकता पर गंभीर प्रश्नचिह्न बताया है।
डॉ. यादव ने कहा कि एक तरफ सरकार कैबिनेट मीटिंग का चमकदार आयोजन कर रही थी और उसी इलाके में चार गरीब कर्मचारी खाने के ज़हर से मर गए। दूसरी तरफ बीजेपी सरकार के मंत्री परिवार पर लगातार गांजा तस्करी के आरोप लग रहे हैं। ये घटनाएँ बताती हैं कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा और कानून व्यवस्था दोनों ही ‘भगवान भरोसे’ हैं।
खजुराहो रिसॉर्ट में हुई मौतें पर डॉ. यादव ने कहा यह लापरवाही नहीं, प्रशासनिक अपराध है।जब पूरी सरकार खजुराहो में थी, तब उसके सामने 4 कर्मचारियों की जान चली गई—क्या यह संयोग है या प्रशासनिक फेल्योर?फूड सैंपल, मेडिकल रिपोर्ट और राहत प्रक्रिया पर सरकार चुप क्यों है?क्या खाद्य सुरक्षा विभाग, स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी तय होगी?रिसॉर्ट संचालकों और जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR कब होगी?उन्होंने कहा सरकार बताये कैबिनेट की मेजबानी में हो रहा आयोजन क्या इतना महत्वपूर्ण था कि उसी जिले में मरते कर्मचारियों की चीखें भी सुनाई नहीं दीं?
मंत्री परिवार पर लगातार गांजा तस्करी के आरोप सत्ता का संरक्षण या अपराधियों की पैठ?
प्रदेश अध्यक्ष ने सतना में मंत्री प्रतिमा बागरी के भाई और बहनोई दोनों के गांजा तस्करी मामले में पकड़े जाने को गम्भीर खुलासा बताया।उन्होंने सवाल उठाए…क्या मंत्री को अपने परिवार के नशा कारोबार की जानकारी थी?अगर नहीं थी, तो सरकार बताए—ऐसे लोगों को मंत्री बनाया ही क्यों गया?यदि जानकारी थी, तो कार्रवाई न करने के पीछे कौन-सा राजनीतिक संरक्षण काम कर रहा था?46 किलो गांजा बरामद होने के बाद भी सरकार इस “परिवार नेटवर्क” पर पर्दा क्यों डाल रही है?
क्या मंत्री पद छोड़ेंगी? क्या मुख्यमंत्री कार्रवाई करेंगे?
डॉ. यादव ने कहा प्रदेश में ड्रग-नेटवर्क नहीं, अब ‘बीजेपी रिश्तेदार नेटवर्क’ सक्रिय है। अपराधी नहीं पकड़े जाते, बीजेपी नेताओं के रिश्तेदार पकड़े जा रहे हैं—क्या यही है बीजेपी का परिवारवाद?”
सपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ये दोनों घटनाएँ यह प्रमाणित करती हैं कि जनता की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता नहीं है।बीजेपी सरकार क़ानून नहीं, रिश्तेदारी बचाने में लगी है।स्वास्थ्य, सुरक्षा और अपराध—सब पर सरकार की पकड़ ढीली है।उन्होंने कहा प्रदेश में लोग खाने से मर रहे हैं और सत्ता से जुड़े लोग नशा बेच रहे हैं और मुख्यमंत्री चुप हैं। यह चुप्पी स्वीकारोक्ति है।
हमारी माँगें है कि खजुराहो फूड-पॉइजनिंग कांड की न्यायिक जांच।मृतकों के परिवारों को उचित मुआवज़ा और रिसॉर्ट संचालकों पर FIR।
मंत्री परिवार के नशा तस्करी नेटवर्क की स्वतंत्र व सार्वजनिक जांच।
दोषी मंत्री/परिवार के खिलाफ तुरंत कार्रवाई।
प्रदेशभर में फूड सेफ्टी और नशा विरोधी अभियान को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त किया जाए।



